महाराष्ट्र में 24 घंटे की डॉक्टरों की टोकन हड़ताल, स्वास्थ्य सेवाएँ बुरी तरह प्रभावित – 2,500 सर्जरी स्थगित

तारीख: 18 सितंबर 2025
स्थान: मुंबई/पुणे/नागपुर


महाराष्ट्र में आज से डॉक्टरों ने 24 घंटे की टोकन हड़ताल शुरू की है। इस हड़ताल में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) के सदस्य और MARD (Maharashtra Association of Resident Doctors) के लगभग 1 लाख से अधिक प्रैक्टिसिंग डॉक्टर और 12,000 रेज़िडेंट डॉक्टर शामिल हैं।

इस सामूहिक आंदोलन का मुख्य उद्देश्य है महाराष्ट्र सरकार के उस हालिया निर्णय का विरोध करना, जिसमें BHMS-CCMP (बैचलर ऑफ होम्योपैथिक मेडिसिन एंड सर्जरी – क्रॉस कटिंग मॉड्यूल प्रैक्टिसनर्स) को महाराष्ट्र मेडिकल काउंसिल (MMC) के अंतर्गत पंजीकरण अनिवार्य किया गया है।

डॉक्टरों का कहना है कि यह निर्णय पारंपरिक और आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों के बीच भ्रम पैदा करेगा और मरीजों की सुरक्षा को खतरे में डालेगा।


📌 हड़ताल का असर – स्वास्थ्य सेवाएँ ठप

  1. सरकारी और निजी अस्पतालों पर असर
    • OPD (आउट पेशेंट डिपार्टमेंट) सेवाएँ लगभग बंद हो गई हैं।
    • मरीजों को नियमित चेक-अप और सामान्य परामर्श सेवाएँ नहीं मिल पा रही हैं।
  2. सर्जरी स्थगित
    • अनुमान है कि आज राज्यभर में लगभग 2,500 चयनात्मक (Elective) सर्जरी स्थगित करनी पड़ी हैं।
    • कैंसर, ऑर्थोपेडिक और हृदय रोग से जुड़ी कई सर्जरी अगले सप्ताह तक टल गई हैं।
  3. इमरजेंसी सेवाएँ चालू
    • डॉक्टरों ने स्पष्ट किया है कि आपातकालीन सेवाएँ, आईसीयू और इमरजेंसी वार्ड हड़ताल से प्रभावित नहीं होंगे।
    • गम्भीर दुर्घटनाओं और डिलीवरी जैसी आपातकालीन स्थितियों में डॉक्टर उपलब्ध रहेंगे।

📊 आंकड़े और तथ्य

क्षेत्र प्रभावित डॉक्टर सेवाएँ प्रभावित अनुमानित प्रभाव मुंबई 25,000+ OPD, elective surgery 600+ सर्जरी स्थगित पुणे 15,000+ अस्पताल सेवाएँ बाधित 400+ सर्जरी स्थगित नागपुर 12,000+ OPD सेवाएँ बंद 300+ सर्जरी स्थगित अन्य जिलों 60,000+ ग्रामीण अस्पताल प्रभावित 1,200+ सर्जरी स्थगित


📢 डॉक्टरों की राय

MARD के प्रवक्ता डॉ. संदीप पाटिल ने कहा:

“BHMS-CCMP डॉक्टरों को MMC में शामिल करना गलत कदम है। इससे एलोपैथिक और होम्योपैथिक उपचार पद्धति में भ्रम फैलेगा और मरीजों के जीवन से खिलवाड़ होगा।”

IMA महाराष्ट्र की अध्यक्ष डॉ. सीमा कुलकर्णी ने कहा:

“हम मरीजों की सुरक्षा को लेकर गंभीर हैं। सरकार को इस फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए, वरना बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।”


🏛 सरकार का पक्ष

महाराष्ट्र सरकार ने अपने आदेश का बचाव करते हुए कहा है कि BHMS-CCMP डॉक्टरों को पंजीकरण देने का मकसद है ग्रामीण क्षेत्रों में डॉक्टरों की कमी पूरी करना
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार,

“ग्रामीण और दूरदराज इलाकों में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएँ मज़बूत करने के लिए यह कदम उठाया गया है। सरकार डॉक्टरों के साथ संवाद के लिए तैयार है।”


📈 निष्कर्ष

• महाराष्ट्र में आज की 24 घंटे की डॉक्टरों की टोकन हड़ताल ने स्पष्ट कर दिया है कि स्वास्थ्य नीति में किसी भी बदलाव से पहले चिकित्सा समुदाय और सरकार के बीच संवाद आवश्यक है।
• करीब 2,500 सर्जरी स्थगित होने और हजारों मरीजों की नियमित स्वास्थ्य सेवाएँ प्रभावित होने से मरीजों की परेशानी बढ़ गई है।
• यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो यह आंदोलन लंबा खिंच सकता है और राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था पर और गंभीर असर डाल सकता है।

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